Friday, June 26, 2009

सुरों के बादशाह को हमारा नमन

सुरों के बादशाह माइकल जैक्शन के अंतिम सांस लेने के साथ ही एक म्युजिक वल्र्ड का एक युग समाप्त हो जाने जैसा एहसास करा रहा है. सेक्स परिवर्तन या फिर प्लास्टिक सर्जरी के चलते लोगों की जुबान पर रहने वाले जैक्शन हरकत चाहे ग्लैमर वल्र्ड में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए ऐसा करते हों या फिर म्युजिक लवर्स को अपनी ओर अट्रैक्ट करने के मकसद से, याद तो उनके गीत संगीत ही आते थे. उनके सांग्स ने दिल में जगह बनाई तो हाई-फाई लाइफ स्टाइल जीने वालों को एक ट्रेंड भी दे गए हैं. 11 साल की उम्र में जैक्सन फाइव के सदस्य के रूप में प्रोफेशनल म्युजिक ज्वाइन करने वाले जैक्शन ने एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया जो किसी भी नवोदित कलाकार के लिए सपने जैसा होता है. बाल यौन शोषण जैसा आरोपों से घिरने वाले जैक्शन ने धर्म परिवर्तन करके भी चर्चाएं बटोरीं. जैक्सन उन सेलेक्टेड कलाकारों में से एक थे जिन्हें दो बार राक एंड रोल हाल ऑफ फेम में जगह मिली थी. ग्रीनिज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में कई बार उनका नाम शामिल होना स्वत: ही उनकी हाइट डिसाइड कर देता है. 13 ग्रैमी पुरस्कार और दुनियाभर में उनके संगीत एलबमां की 75 करोड़ से अधिक प्रतियों का बिकना शामिल है. जैक्शन के अंतिम सांस लेने से संगीत प्रेमी दु:खी हैं. शायद मैं भी क्योंकि विवाद भले ही कुछ भी होते रहे हों जैक्शन ने म्युजिक को तो एक नया मुकाम दिया ही था. इस फील्ड में उनका इनोवेशन और क्रिएशन किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींचता है, बताता है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती बस करने का जज्बा होना चाहिए. गीत संगीत के इस मुखिया को मेरा आखिरी नमन...