
सत्यम बच जायगा या गवर्नमेंट इसा बचा लेगी। यह बड़ा सवाल बन गया है। गवर्नमेंट के अब तक के प्रयास काफी है लेकिन विप्रो के साथ दो और कम्पनिओं को ब्लाक्लिस्तेद किया जाने के बाद शेयर इन्वेस्ट करने वालो का इस पैर भरोषा कर पाना मुस्किल है। क्यों आ गई है ऐसे हालत। क्या गवर्नमेंट मशीन का मोनिटरिंग सिस्टम फ़ैल हो चुका है जो सुब कुछ लूटने के बाद गवर्नमेंट को इसका पता चलता है। इन्वेस्टर्स का भरोषा अब भी गवर्नमेंट पैर है। इसी का रिजल्ट है की सत्यम मैं पैसा लगाने वाले कम नही हुआ हैं। इंडियन के इसी भरोशे पैर गवर्नमेंट को कम करना है और उसे बचाई रखना है। टाइम लगेगा लेकिन उम्मीद खोने से तो सुब कुह चला जायगा.

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